डाइवोर्स

. .
लेखिका हाल केदिनों की चर्चित रचनाकार है

'जज के  सामने कोई सामाजिक मुजरिम नहीं थे बल्कि पारिवारिक मुजरिम थे |वे
दोनों तरफ की दलीले सुन रहे थे | पति पत्नी पर और पत्नी पति पर लगातार
आक्षेप लगा रहे थे |पति जज द्वारा इजाजत पाकर अपनी बाते  रखता है -

'जज साहब - क्या कहूँ - शादी की तो अपनी मर्जी से थी पर नहीं जानता था की
नरक भोगने  जा रहा हूँ - मुझे अपने इतने वर्षों के वैवाहिक जीवन में कभी
पति होने का सुख नहीं मिला - पत्नी ऐसी मिली जो सोशल वर्क में इतनी
व्यस्त रहती है की घर पहुच कर मुझे ही घर में अपने सारे काम खुद करने
पड़ते है - एक कप चाय तक को तरस जाता हूँ - फिर रखे रखाए खाने को गरम कर
के खाओ ,इसी कारण कई बार मै बाहर से खाना खा कर आया - क्या यही गृहस्थी
का ढंग है ,तो मुझे नहीं चाहिए ऐसी गृहस्थी - मुझे डाइवोर्स चाहिए ...|'

पत्नी भी उतने ही ऊंचे  और भरे शब्दो  में बोली -

'गृहस्थी सिर्फ पत्नी की जिम्मेदारी से पूर्ण नहीं होती , जज साहब मैं
मजबूरन बाहर निकली - इनकी अनदेखी मेरे अन्दर निरसता घोलती जा रही थी - घर
 रह कर दासी की तरह पति का इंतज़ार करते रहना  मुझे  कतई मंजूर नहीं था -
जज साहब मुझे भी ऐसी गृहस्थी नहीं चाहिए - मुझे डाइवोर्स चाहिए .....|'

जज क्रमशः दोनों की सुनते रहे | वकील दोनों को बोलने का स्थान देते रहे |
इसी क्रम में बहस चल रही थी की तभी एक छोटा सा बच्चा दौड़ता हुआ जज के
सामने आकर खड़ा हो गया | अब सब चुपचाप होकर उसे देखने लगे |

वो कह रहा था -

'जज अंकल - ये मेरे मम्मी पापा है - जज अंकल जब मैं स्कूल से आता हूँ तो
मेरे साथ आया आंटी रहती है और मेरे सर जी जो घर पर  मुझे पढ़ाने आते है ,
मैं उन के  साथ खेलता हूँ - मुझे मम्मी पापा कहीं नहीं ले जाते - बस जब
मिलते है लड़ते रहते है - जज अंकल मैं भी इन के  साथ नहीं रहूँगा - मैं
आया आंटी और सर जी के साथ रहूँगा - मुझे भी डाइवोर्स चाहिए ...|'

सब भौंचके सुनते रहे | बच्चे ने वहाँ हो रही बहस का पर्याय अपनी मासूम
बुद्धि से कैसा समझा , सब समझ गए और अपनी अपनी बगले झांकते हुए ये सोचने
लगे की डाइवोर्स असल  मे किसे और कैसा चाहिए -|
अर्चना ठाकुर
 http://www.facebook.com/archana.thakur.182

mail us

mail us

Recent Comments

LATEST:


शुरूआत प्रकाशन की पेशकश

शुरूआत प्रकाशन की पेशकश

लेखा - जोखा

Archive

हम ला रहे हैं जल्‍दी ही हिन्‍दी के साथ साथ अंग्रेजी में भी कई किताबें लेखक बन्‍धु सम्‍पर्क कर सकते हैं - 09672281281

Other Recent Articles

Followers

Feature Posts

We Love Our Sponsors

About

Random Post

अप्रकाशित व मौलिक रचनाओं का सहर्ष स्‍वागत है

BlogRoll

topads

Subscribe

Enter your email address below to receive updates each time we publish new content..

Privacy guaranteed. We'll never share your info.

सर्वाधिकार @ लेखकाधिन. Blogger द्वारा संचालित.

Popular Posts